ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा नवलगढ़ में सात दिवसीय राजयोग एवं सकारात्मक जीवनशैली प्रदर्शनी
- pilani
- September 27, 2026
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नवलगढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, नवलगढ़ सेवा केंद्र द्वारा रामसा पीर रामदेवरा मेले के अवसर पर एस.एन. स्कूल परिसर में सात दिवसीय आध्यात्मिक एवं राजयोग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को सकारात्मक सोच, श्रेष्ठ जीवनशैली, आत्मिक जागृति एवं राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से जीवन में सुख, शांति और प्रसन्नता का अनुभव कराने के साथ आत्म-परिवर्तन की प्रेरणा देना रहा।
प्रदर्शनी के आयोजन में एस.एन. स्कूल के प्राचार्य भ्राता रणजीत सिंह शेखावत का विशेष योगदान रहा। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ को अपने विद्यालय परिसर में सात दिवसीय प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए आमंत्रित किया तथा पूरे आयोजन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
नवलगढ़ सेवा केंद्र की मुख्य प्रभारी राजयोगिनी बी.के. स्वाति दीदी जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शनी में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को सकारात्मक चिंतन, श्रेष्ठ संस्कार, तनावमुक्त जीवन, आत्मिक शक्ति तथा राजयोग मेडिटेशन के महत्व की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर पिलानी से बी.के. डॉ. वीणा दीदी जी ने भी प्रदर्शनी में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य के जीवन में सकारात्मक सोच और आंतरिक शांति का विशेष महत्व है। राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति को स्वयं को समझने, अपने विचारों को सकारात्मक बनाने और जीवन में श्रेष्ठ परिवर्तन लाने का मार्ग दिखाता है। ऐसी प्रदर्शनियों के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान को सरल रूप में जन-जन तक पहुँचाने का अवसर मिलता है।
प्रदर्शनी में नवलगढ़ के ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के भाई-बहनों ने भी समर्पित भाव से सेवाएँ प्रदान कीं। प्रीति शर्मा बहन, नीतू सैनी, अंशिका शर्मा, मनोहर सैनी, गायत्री मीणा , महेंद्र मीणा , गंगाधर सैनी , बहन राजू सोनी, शकुन्तला शर्मा, सुरेश पुजारी, ज्योति पुनिया, राकेश सैनी, सुमन सैनी , रामावतार भाई , हिमांशु सोनी एवं शोभाराम भाई ने सातों दिन प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को चित्रों के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग का महत्व समझाया तथा प्रदर्शनी को सुचारू रूप से संचालित करने में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं।
प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को समझाया गया कि जीवन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है। अपने विचारों को सकारात्मक बनाकर, श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाकर तथा राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत और एकाग्र बनाकर व्यक्ति अपने जीवन को अधिक सुखमय एवं संतुलित बना सकता है।
सात दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में विभिन्न धर्मों, समुदायों एवं आयु वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने प्रदर्शनी के आध्यात्मिक संदेश एवं राजयोग मेडिटेशन की जानकारी को उपयोगी बताया। लोगों ने सकारात्मक जीवनशैली और आत्मिक शांति के इस संदेश की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में शांति, सद्भाव एवं श्रेष्ठ जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस सात दिवसीय प्रदर्शनी के माध्यम से अनेक लोगों को “स्वयं को बदलें, तो जीवन बदलेगा” का संदेश मिला और राजयोग मेडिटेशन को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्राप्त हुई।



