ब्रह्माकुमारीज़ पिलानी का युवा प्रेरणा सेमिनार: एवरेस्ट विजेता बी.के. दलीप सिंह शेखावत ने किया युवाओं प्रेरित

ब्रह्माकुमारीज़ पिलानी का युवा प्रेरणा सेमिनार: एवरेस्ट विजेता बी.के. दलीप सिंह शेखावत ने किया  युवाओं प्रेरित

 

पिलानी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पिलानी सेवा केन्द्र में युवाओं के लिए एक प्रेरणादायी “यूथ मोटिवेशन सेमिनार” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ निराकार परमपिता परमात्मा शिव की स्मृति एवं ईश्वरीय याद से हुआ, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता एवं सकारात्मकता का संचार हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व मोटिवेशनल स्पीकर भ्राता बी.के. दलीप सिंह शेखावत रहे। वे विश्व के अनेक दुर्गम अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। उन्होंने माउंट एवरेस्ट, नॉर्थ पोल, साउथ पोल, अमेज़न के घने वर्षावनों, सहारा रेगिस्तान सहित अनेक कठिन पर्वतों एवं चुनौतीपूर्ण स्थानों पर सफल अभियान कर भारत का गौरव बढ़ाया है।

मुख्य अतिथि का स्वागत भ्राता डॉ. रमेश झाझू द्वारा शॉल ओढ़ाकर किया गया। स्वागत के पश्चात सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम में बी.के. दलीप सिंह शेखावत ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपना स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। जब लक्ष्य स्पष्ट होता है, तब व्यक्ति अपनी ऊर्जा, समय और क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग कर पाता है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियाँ, असफलताएँ और चुनौतियाँ जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन यदि मन स्थिर, सकारात्मक और एकाग्र हो तो हर कठिनाई को अवसर में बदला जा सकता है।

उन्होंने अपने पर्वतारोहण एवं साहसिक अभियानों के अनेक प्रेरणादायी अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई बार ऐसे क्षण आए जब जीवन और मृत्यु के बीच केवल कुछ ही पल का अंतर था। उन अत्यंत कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी उन्होंने प्रतिदिन किए जाने वाले राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से अपने मन को शांत, निडर और एकाग्र बनाए रखा। उन्होंने कहा कि राजयोग केवल ध्यान की एक विधि नहीं, बल्कि मन को प्रशिक्षित करने की ऐसी आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जो व्यक्ति को भय, तनाव और नकारात्मक परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करती है।

ब्रह्माकुमारीज पिलानी की मुख्य संचालिका राजयोगिनी बी.के. स्वाति दीदी जी ने कहा कि आज का युवा अनेक प्रकार के मानसिक तनाव, प्रतिस्पर्धा, भ्रम और भटकाव का सामना कर रहा है। ऐसे समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आत्मिक सशक्तिकरण, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सही जीवन मूल्यों की भी आवश्यकता है। राजयोग मेडिटेशन युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें अपने लक्ष्य पर निरंतर केंद्रित रहने, निर्णय क्षमता बढ़ाने तथा जीवन में संतुलन बनाए रखने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपने जीवन में आध्यात्मिकता और राजयोग को अपनाएँ, तो वे न केवल अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने बी.के. दलीप सिंह शेखावत से पर्वतारोहण, जीवन की चुनौतियों, आत्मविश्वास, लक्ष्य निर्धारण तथा राजयोग मेडिटेशन से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने अत्यंत सहज एवं प्रेरणादायी ढंग से उत्तर दिया। उनके अनुभवों और मार्गदर्शन से सभी विद्यार्थी अत्यंत प्रेरित हुए तथा उन्होंने जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए सकारात्मक सोच, दृढ़ संकल्प और नियमित राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करने का संकल्प लिया।