गायत्री शक्तिपीठ नवलगढ़

गायत्री शक्तिपीठ नवलगढ़

गायत्री शक्तिपीठ में राजयोग मेडिटेशन पर बीके स्वाति दीदी का प्रेरणादायी संदेश

नवलगढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़ी राजयोगिनी बीके स्वाति दीदी जी ने गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित साप्ताहिक सत्संग में विशेष रूप से उपस्थित होकर राजयोग मेडिटेशन के विषय में गहन जानकारी प्रदान की।

अपने उद्बोधन में बीके स्वाति दीदी जी ने बताया कि सच्ची शांति और आत्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए सबसे पहले स्वयं को आत्मा के रूप में समझना आवश्यक है। जब व्यक्ति यह अनुभव करता है कि वह शरीर नहीं बल्कि एक चेतन आत्मा है, तब उसका संबंध उस निराकार परमात्मा से सहज रूप से जुड़ जाता है।

उन्होंने सरल शब्दों में समझाया कि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को एकाग्र कर, परमात्मा को याद करने की विधि अपनाई जाती है। इस अभ्यास से व्यक्ति के अंदर सकारात्मकता, शांति और आत्मविश्वास का विकास होता है तथा जीवन में आने वाली परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने इस आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठाया और ध्यान अभ्यास के माध्यम से आंतरिक शांति का अनुभव किया। यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायक एवं आत्मिक उन्नति का मार्गदर्शक सिद्ध हुआ।